
धर्मपुर/चैलचौक (मंडी)। इस साल प्रचंड गरमी से पहाड़ों में भी हाहाकार मचा हुआ है। चिलचिलाती धूप में लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। वहीं जिले के कई स्थानों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस क्रास होने से प्राकृतिक जलस्रोत सूखने के कारण पीने के पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मचने लगी है। आईपीएच विभाग के मुताबिक प्रचंड गरमी के कारण खड्डों का जलस्तर 50 से 60 प्रतिशत कम हो गया है, जिस कारण पेयजल स्कीमें भी प्रभावित हुई हैं।
जिला मंडी में प्रचंड गरमी से लोग बेहाल हैं। दिन के समय चिलचिलाती धूप में घर से बाहर निकालना मुश्किल है। इस कारण बाजारों में चहल-पहल कम होने के कारण व्यापारियों को कारोबार मंदा हो गया। वहीं गरमी से जिले के निचले क्षेत्रों में प्राकृतिक स्रोत 50 से 60 फीसदी सूखने के कारण पेयजल स्कीमें भी प्रभावित हुई हैं। विभाग को सुचारू रूप से पेयजल आपूर्ति करने में दिक्कतें हो रही हैं।
धर्मपुर क्षेत्र की सोन खड्ड, बलयाणा व खैड़ी नाला आदि खड्डों का जलस्तर 60 फीसदी से कम हो गया है, जिससे कई पेयजल स्कीमें बंद होने के कगार पर हैं। साथ ही खड्डों में पर्याप्त पानी न होने के कारण पेयजल स्कीमों से पानी लिफ्ट न होने से जल संकट गहराने लगा है। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता बीएस राणा ने माना कि गरमी के कारण प्राकृतिक जलस्रोतों में 60 फीसदी से पानी कम हो गया है, जिससे कई पेयजल स्कीम प्रभावित हुई हैं।
उधर, चैलचौक के व्यापारी तीर्थ राम, रमेश, अमर सिंह, मोहिंद्र सिंह, धर्म सिंह, करतार सिंह, कश्मीर सिंह, संजीव कुमार व संजय कुमार आदि का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से चैलचौक क्षेत्र में इतनी गरमी पड़ रही है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, जिससे कारोबार भी मंदा हो गया है। आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता रूप सिंह का कहना है कि प्रचंड गरमी के कारण पेयजल सप्लाई में 50 प्रतिशत की कमी आई है।
